Friday, October 23, 2020
अहिरवार समाज संघ की मीटिंग अशोकनगर के शाडोरा में संपन्न हुई:-
दिनांक 22/10/20 को अहिरवार समाज संघ मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के शड़ोरा मैं मीटिंग का आयोजन किया गया जिस के मुख्य अतिथि डॉक्टर जगदीश सूर्यवंशी जी उपस्थित हुए ।साथ में प्रदेश मीडिया प्रभारी इंजीनियर अजय अहिरवार, ( विधि प्रकोष्ठ) प्रदेश अध्यक्ष हीरालाल अहिरवार एडवोकेट उपस्थित हुए। मीटिंग की अध्यक्षता अशोकनगर जिला अध्यक्ष नथन सिंह महोबिया के द्वारा की गई। मीटिंग में जिला कार्यकारिणी के विस्तार को लेकर चर्चा की गई तथा समाज में हो रहे अत्याचार एवं कुरीतियो को बंद करने को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही अशोकनगर जिला कार्यकारिणी को अशोकनगर जिले का अधिवेशन बुलाने हेतु जिला कार्यकारिणी को निर्देश दिए गए। मीटिंग में शाडोरा के स्थानीय सदस्य हरनाम सिंह अहिरवार,रघुनाथ भगतजी,रमेश झागर,गंगाराम अहिरवार गणेशराम अहिरवार,माखन सिंह ,लक्ष्मण सिंह,रवि मोहने,बाबूलाल,हरिनारायण,गैंदालाल भारती,राजू जाटव,मोहन सिंह चौधरी, एवं सामाजिक लोग उपस्थित हुए।
Thursday, October 22, 2020
अहिरवार समाज संघ की ब्लॉक स्तरीय मीटिंग आरोन में संपन्न की गई:-
दिनाक 22/10/20 को अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन में ब्लॉक स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री डॉक्टर जगदीश सूर्यवंशी जी और प्रदेश मीडिया प्रभारी इंजीनियर अजय अहिरवार व प्रदेश अध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ हीरालाल अहिरवार जी का अशोकनगर के सड़ोरा कार्यक्रम के पश्चात आरोन आगमन हुआ । आरोन टीम के द्वारा सभी का स्वागत किया गया तथा सामाजिक विषय पर चर्चा हुई जिसमें जिला कार्यकारिणी के गठन को लेकर 15 नवंबर को जिला स्तरीय अधिवेशन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए ।कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट हीरालाल जी को नियुक्त किया गया तथा सह संयोजक के रूप में शशि अहिरवार ,गंगाराम अहिरवार ,पार्वती अहिरवार और अन्य लोगों की सहमति प्राप्त हुई
मीटिंग में ,प्रदेश महासचिव पूजा चौधरी, प्रांतीय संगठक पार्वती अहिरवार, संभागीय महासचिव शशि अहिरवार, ब्लॉक आरोन अध्यक्ष गंगाराम अहिरवार ,अहिरवार समिति धर्मशाला अध्यक्ष तीरथ अहिरवार, ब्रह्मा दास सूर्यवंशी एवं अन्य सभी सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित हुए।
Friday, October 16, 2020
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश के दतिया जिले की कार्यकारिणी गठित की गई।
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश के दतिया जिले की कार्यकारिणी गठित की गई । राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री डॉ. जगदीश सूर्यवंशी जी के अनुमोदन एवं संभागीय महासचिव ग्वालियर श्रीमती शशि अहिरवार जी की अनुशंसा पर जिला व तहसील के विभिन्न पदों पर नियुक्ति की गई ।
जिला उपाध्यक्ष ,दतिया :- श्री मुकेश कुमार
जिला महासचिव ,दतिया :- श्री उमाकांत गौतम
इंदरगढ़ तहसील अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ):- श्रीमती गायत्री जाटव
सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं 💐💐💐।
Friday, October 9, 2020
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश की ओर से समाज सुधारक, बहुजन समाज के जननायक मान्यवर कांशीराम साहेब जी की पुण्यतिथि पर शत शत नमन :-
अहिरवार समाज संघ मध्यप्रदेश की ओर से समाज सुधारक , दलितों के हक की लड़ाई लड़ने वाले मान्यवर कांशीराम साहेब जी की 14 वी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन ।💐💐💐💐💐
मान्यवर कांशीराम साहब जी का जीवन परिचय :-
(भारतीय राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता, समाज सुधारक)
कांशीराम (15 मार्च 1934– 9 अक्टूबर 2006) भारतीय राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने भारतीय वर्ण व्यवस्था में बहुजनों के राजनीतिक एकीकरण तथा उत्थान के लिए कार्य किया। इसके अन्त में उन्होंने दलित शोषित संघर्ष समिति (DS 4), 1971 में अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदायों कर्मचारी महासंघ (बामसेफ) और 1984 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना की।
बहुजन समाज पार्टी :-के संस्थापक और अध्यक्ष
पद बहाल:-(१९८४ – १९९५)
उत्तरा धिकारी:-मायावती
होशियारपुर से भारतीय सांसद
पद बहाल:-(१९९६ – १९९८)
पूर्वाधिकारी कमल चौधरी
उत्तराधिकारी कमल चौधरी
इटावा से भारतीय सांसद
पद बहाल:-(१९९१ – १९९६)
पूर्वाधिकारी राम सिंह शक्य
उत्तराधिकारी राम सिंह शक्य
जन्म:-१५ मार्च १९३४ पिर्थीपुर बुंगा ग्राम, खवसपुर, रूपनगर जिला, पंजाब (भारत)
मृत्यु:-९ अक्टूबर २००६ (आयु ७२ वर्ष)
नई दिल्ली
राजनीतिक दल :-बहुजन समाज पार्टी
धर्म:-सिख (जन्म)
:-बौद्ध धर्म (इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार)
जालस्थल :-आधिकारिक जालस्थल
करियर:-
कांशीराम साहब ने सरकार की सकारात्मक कार्रवाई की योजना के तहत पुणे में विस्फोटक अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला को ज्वाइन करा लिया. यह इस समय था जब उन्होंने पहली बार जातिगत भेदभाव का अनुभव किया. [कैसे?] उन्होंने ऑफिस में देखा कि जो कर्मचारी डॉक्टर आंबेडकर का जन्मदिन मनाने के लिए छुट्टी लेते थे उनके साथ ऑफिस में भेदभाव किया जाता था. वे इस जातिगत भेदभाव को ख़त्म करने के लिए 1964 एक दलित सामाजिक कार्यकर्ता बन गए थे. उनके करीबी लोगों के अनुसार उन्होंने यह निर्णय डॉक्टर आंबेडकर की किताब "एनीहिलेशन ऑफ कास्ट" को पढ़कर लिया था. कांशीराम को बी. आर. अम्बेडकर और उनके दर्शन ने काफी पभावित किया था.
कांशीराम साहब ने शुरू में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) का समर्थन किया था लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़े रहने के कारण उनका इस पार्टी से मोह भंग हो गया था. इसक कारण उन्होंने 1971 में अखिल भारतीय एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक कर्मचारी संघ की स्थापना की जो कि बाद में चलकर 1978 में BAMCEF बन गया था. BAMCEF एक ऐसा संगठन था जिसका उद्देश्य अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य वर्गों और अल्पसंख्यकों के शिक्षित सदस्यों को अम्बेडकरवादी सिद्धांतों का समर्थन करने के लिए राजी करना था. BAMCEF न तो एक राजनीतिक और न ही एक धार्मिक संस्था थी और इसका अपने उद्देश्य के लिए आंदोलन करने का भी कोई उद्देश्य नहीं था। सूर्यकांत वाघमोर कहते हैं, इस संगठन ने दलित समाज के उस संपन्न तबके को इकठ्ठा करने का काम किया जो कि ज्यादातर शहरी क्षेत्रों, छोटे शहरों में रहता था और सरकारी नैकारियों में काम करता तह साथ ही अपने अपने अछूत भाई बहनों से भी किसी तरह के संपर्क में नहीं था.
इसके बाद कांशीराम साहब ने 1981 में एक और सामाजिक संगठन बनाया, जिसे दलित शोषित समाज संघर्ष समिति ( DS4) के नाम से जाना जाता है. उन्होंने दलित वोट को इकठ्ठा करने की अपनी कोशिश शुरू की और 1984 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना की. उन्होंने अपना पहला चुनाव 1984 में छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा सीट से लड़ा था. बीएसपी को उत्तर प्रदेश में सफलता मिली, शुरू में दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों के बीच विभाजन को पाटने के लिए संघर्ष किया लेकिन बाद में मायावती के नेतृत्व में इस खाई को पाटा गया.
सन 1982 में उन्होंने अपनी पुस्तक 'द चमचा युग' लिखी, जिसमें उन्होंने जगजीवन राम और रामविलास पासवान और रामदास अठावले जैसे दलित नेताओं का वर्णन करने के लिए "चमचा" शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने तर्क दिया कि दलितों को अन्य दलों के साथ काम करके अपनी विचारधारा से समझौता करने के बजाय अपने स्वयं समाज के विकास को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक रूप से काम करना चाहिए.
बीएसपी के गठन के बाद, कांशीराम ने कहा कि उनकी 'बहुजन समाज पार्टी' पहला चुनाव हारने के लिए, दूसरा चुनाव नजर में आने ले लिए और तीसरा चुनाव जीतने के लिए लड़ेगी. 1988 में उन्होंने भावी प्रधानमंत्री वी. पी. सिंह के खिलाफ इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ा और प्रभावशाली प्रदर्शन किया, लेकिन 70,000 वोटों से हार गए।
वह 1989 में पूर्वी दिल्ली (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से लोक सभा चुनाव लडे और चौथे स्थान पर रहे. सन 1991 में, कांशीराम और मुलायम सिंह ने गठबंधन किया और कांशीराम ने इटावा से चुनाव लड़ने का फैसला किया, कांशीराम ने अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी को 20,000 मतों से हराया और पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया. इसके बाद कांशीराम ने 1996 में होशियारपुर [16] से 11वीं लोकसभा का चुनाव जीता और दूसरी बार लोकसभा पहुंचे. अपने ख़राब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने 2001 में सार्वजनिक रूप से मायावती को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था.
बौद्ध धर्म ग्रहण करने की मंशा :-
सन 2002 में, कांशीराम जी ने 14 अक्टूबर 2006 को डॉक्टर आम्बेडकर के धर्म परिवर्तन की 50 वीं वर्षगांठ के मौके पर बौद्ध धर्म ग्रहण करने की अपनी मंशा की घोषणा की थी. कांशीराम जी की मंशा थी कि उनके साथ उनके 5 करोड़ समर्थक भी इसी समय धर्म परिवर्तन करें. उनकी धर्म परिवर्तन की इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह थी कि उनके समर्थकों को केवल अछूत ही शामिल नहीं थे बल्कि विभिन्न जातियों के लोग भी शामिल थे, जो भारत में बौद्ध धर्म के समर्थन को व्यापक रूप से बढ़ा सकते थे. हालांकि, 9 अक्टूबर 2006 को उनका निधन हो गया और उनकी बौद्ध धर्म ग्रहण करने की मंशा अधूरी रह गयी.
मायावती ने कहा कि उन्होंने और कांशीराम साहब ने तय किया था कि हम बौद्ध धर्म तभी ग्रहण करेंगे जब केंद्र में 'पूर्ण बहुमत' की सरकार बनायेंगे. हम ऐसा इसलिए करना चाहते थे क्योंकि हम धर्म बदलकर देश में धार्मिक बदलाव तभी ला सकते थे जब जब हमारे हाथ में सत्ता हो और हमारे साथ करोड़ों लोग एक साथ धर्म बदलें . यदि हम बिना सत्ता पर कब्ज़ा किये धर्म बदल लेंगे तो हमारे साथ कोई नहीं खड़ा होगा और केवल 'हम दोनों' का ही धर्म बदलेगा हमारे लोगों का नहीं, इससे समाज में किसी तरह के धार्मिक क्रांति की लहर नहीं उठेगी.
पुस्तकें :-
सन 1982 में, कांशीराम ने "द चमचा युग" (The Era of the Stooges) नामक पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने दलित नेताओं के लिए चमचा (stooge) शब्द का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा कि ये दलित लीडर केवल अपने निजी फायदे के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसे दलों के साथ मिलकर राजनीति करते हैं.
उनकी पुस्तक बर्थ ऑफ़ BAMCEF भी प्रकाशित हुई थी. उनकी जीवनी, कांशीराम: दलितों के नेता, बद्री नारायण तिवारी द्वारा लिखी गई थी. कांशीराम के भाषणों को एक किताब के रूप में अनुज कुमार द्वारा संकलित किया गया है इसका नाम है; "बहुजन नायक कांशीराम के अविस्मरणीय भाषण".इसके अलावा कांशीराम साहब के लेखन और भाषण को एस. एस. गौतम ने संकलित किया था जबकि कांशीराम द्वारा लिखे गए सम्पादकीय बहुजन समाज पब्लिकेशन ने 1997 में प्रकाशित किया था.
अंत में यह कहा जा सकता है कि भारत में अम्बेद्करबाद अगर जिन्दा है तो इसका पूरा श्रेय सिर्फ कांशीराम को ही जाता है उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर की मृत्यु के बहुजन आन्दोलनों में पैदा हुए शून्य को ख़त्म करके बहुजन आन्दोलन को फिर से जीवित किया था.
अहिरवार समाज संघ मध्यप्रदेश की ओर से भारतीय वायु सेना के स्थापना दिवस पर बहुत-बहुत बधाई:-
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश की ओर से भारत की रक्षा के लिए तत्पर खड़े रहने वाली भारतीय वायु सेना के स्थापना दिवस पर सभी जवानों को बहुत बहुत शुभकामनाएं।💐💐💐💐💐🙏🙏
Tuesday, October 6, 2020
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज तहसील में उत्तर प्रदेश के हाथरस की मनीषा बाल्मीकि के साथ हुई घटना के विरोध में राष्ट्रपति महोदय के नाम एसडीएम महोदय को ज्ञापन सौंपा।
आज अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में ब्लॉक सिरोंज के समस्त पदाधिकारी एवं समाज के सभी सदस्यों ने SDM महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन दिया और सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो । ज्ञापन सौंपते समय सिरोंज ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र दिनकर , कोषाध्यक्ष गब्बर अहिरवार, उपाध्यक्ष राजा भैया, उपाध्यक्ष नरेंद्र अहिरवार, महासचिव देवेंद्र दिनकर, सचिव शैतान अहिरवार एवं स्थानीय पदाधिकारी और सामाजिक लोग उपस्थित हुए।
#justice_for_manisha_valmeki
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश के सागर जिले में उत्तर प्रदेश के हाथरस की मनीषा बाल्मीकि के साथ हुई घटना के विरोध में राष्ट्रपति महोदय के नाम एसडीएम महोदय को ज्ञापन सौंपा:-
अहिरवार समाज संघ मध्य प्रदेश सागर जिले के युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष रितेश रोहित के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के हाथरस की मनीषा वाल्मीकि की घटना के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा तथा मांग की गई कि जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही एवं फांसी की सजा दी जाए । नैतिक चौधरी, हिमांशु चौधरी, राहुल, नीलेश अहिरवार कार्यकर्ताओं ने भी सम्मिलित होकर विरोध जताया तथा सरकार से मांग की।
अहिरवार समाज संघ के तत्वधान में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 645 वीं जयंती सुठालिया जिला राजगढ़ में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई।
अहिरवार समाज संघ के तत्वधान में संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 645 वीं जयंती सुठालिया जिला राजगढ़ में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई। सुठालिय...
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दिनांक 21 मार्च 2021 को अहिरवार समाज संघ के तत्वधान में *स्वर्गीय श्री रघुवीर सिंह चौधरी पूर्व प्रदेश महासचिव की तृतीय पुण्यतिथि श्रद्धांजल...
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7 मार्च 2021 को राजगढ़ जिले के सुठालिया में भोपाल संभाग वार्षिक अधिवेशन व संत रविदास जयंती एवं प्रतिभा सम्मान समारोह हुआ संपन्न। कार्यक्रम ...
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अहिरवार समाज संघ मध्यप्रदेश की ओर से समाज सुधारक , दलितों के हक की लड़ाई लड़ने वाले मान्यवर कांशीराम साहेब जी की 14 वी पुण्यतिथि पर शत-शत...


















